Friday, 11 September 2015

08/09/15 22:46:14: Gurbani Uncle: जो हमेशा कहे ..
मेरे पास समय नहीं...
असल में वह 'व्यस्त' नहीं,
बल्कि 'अस्त-व्यस्त' है..
जयगुरुजी
10/09/15 08:25:56: Gurbani Uncle: Lotus is the  flower that teaches us , where we reach is important and not where we come from..!!! 

😊Have a great day😊

Friday, 4 September 2015

🌀 पुलिस  गीता 🌀

हे पार्थ,

|| तुम अकेले आये थे थाने में 
और अकेले ही  जाओगे; परन्तु 
स्टाफ की कमी का रोना न 
रोओ। अकेले ही युद्ध करो||

||तुम बेवजह अधिक काम 
करने से हुई गलतियों के 
लिए प्राप्त दंडों का 
पश्चाताप मत करो ||

|| तुम अगले प्रमोशन 
की चिंता भी मत करो ||

|| बस अपनी करंट 
ड्यूटी से ही प्रसन्न रहो ||

|| तुम जब नहीं थे, तब 
भी ये थाना चल रहा था ||

|| तुम जब नहीं होगे, तब 
भी ये थाना  चलता रहेगा ||

|| जो काम आज 
तुम्हारा है, कल किसी 
और का था ||

|| वो कल किसी 
और का होगा ||

|| तुम इसे अपना समझ 
कर मगन हो रहे हो ||

|| यही तुम्हारे समस्त
 दुखों का कारण है ||

|| प्रमोशन, इन्क्रीमेंट,
छुट्टी, पेंशन जैसे शब्द 
अपने मन से निकाल दो

फिर तुम थाने के और 
ये थाना तुम्हारा होगा ।।
🍃🍂🍃 🍂🍃🍂 🍃🍂🍃

           ✅ रिश्तों की दोस्ती

➡ पत्नी के दिल में भी झाककर देखों ,
खोई हुई गर्ल फ्रेंड मिल जाएगी.

➡ कभी बेटे से दोस्ती करके देखों ,
जवानी फिर से दस्तक दे जाएगी.

➡ सबसे पहला दोस्त याद करके देखों ,
माँ की याद तो आ ही जाएगी.

➡ बुढे बाप से दो बाते कर के देखो,
एक सुलझी दोस्ती घर में ही मिल जाएगी.

➡ ईश्वर से दोस्ती का हाथ बढा कर देखो,
कृष्ण की लिला समज में आ जाएगी.

✅ क्यूं दोस्तों में रिश्तें ढुंढते हो,
रिश्तों में दोस्त ढुंढो जिंदगी बन जाएगी..!!!

🍃🍂🍃🍂~🎭~🍂🍃🍂
🙏  OM SAI RAM  👏
''स्वयं को माचिस की तीली न बनाएँ,
जो थोड़ा सा घर्षण लगते ही सुलग उठे


स्वयं को वह शांत सरोवर बनाएँ जिसमें कोई अंगारा भी फैंके तो वह खुद ही बुझ जाए,, 😊
🙏 गायत्री मंत्र कब  ज़रूरी है
☀सुबह उठते वक़्त 8 बार ❕✋✌👆❕अष्ट कर्मों को जीतने के लिए !!

🍚🍜 भोजन के समय 1 बार❕👆❕ अमृत समान भोजन प्राप्त होने के लिए  !!                          

🚶 बाहर जाते समय 3 बार ❕✌👆❕समृद्धि सफलता और सिद्धि के लिए    !!   

 👏 मन्दिर में 12 बार ❕👐✌❕ 
प्रभु के गुणों को याद करने के लिए !!       

😢छींक आए तब गायत्री मंत्र  उच्चारण ☝1 बार  अमंगल दूर करने के लिए !!
                                         
सोते समय 🌙 7 बार  ❕✋✌ ❕सात प्रकार के भय दूर करने के लिए !!                                  

कृपया सभी बन्धुओं को प्रेषित करें 👏👏  !!!ॐ , ओउम् तीन अक्षरों से बना है।
 अ उ म् । 
"अ" का अर्थ है उत्पन्न होना,

 "उ" का तात्पर्य है उठना, उड़ना अर्थात् विकास, 

"म" का मतलब है मौन हो जाना अर्थात् "ब्रह्मलीन" हो जाना।
 
ॐ सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति और पूरी सृष्टि का द्योतक है।
 
ॐ का उच्चारण शारीरिक लाभ प्रदान करता है।
 
जानीए 

ॐ कैसे है स्वास्थ्यवर्द्धक 
और
 अपनाएं आरोग्य के लिए ॐ के उच्चारण का मार्ग...

1. ॐ और थायराॅयडः-
 ॐ का उच्चारण करने से गले में कंपन पैदा होती है जो थायरायड ग्रंथि पर सकारात्मक प्रभाव डालता है।

2. ॐ और घबराहटः-
 अगर आपको घबराहट या अधीरता होती है तो ॐ के उच्चारण से उत्तम कुछ भी नहीं।

3. ॐ और तनावः-
 यह शरीर के विषैले तत्त्वों को दूर करता है, अर्थात तनाव के कारण पैदा होने वाले द्रव्यों पर नियंत्रण करता है।

4. ॐ और खून का प्रवाहः-
 यह हृदय और ख़ून के प्रवाह को संतुलित रखता है।

5. ॐ और पाचनः-
 ॐ के उच्चारण से पाचन शक्ति तेज़ होती है।

6. ॐ लाए स्फूर्तिः-
 इससे शरीर में फिर से युवावस्था वाली स्फूर्ति का संचार होता है।

7. ॐ और थकान:-
 थकान से बचाने के लिए इससे उत्तम उपाय कुछ और नहीं।

8. ॐ और नींदः-
 नींद न आने की समस्या इससे कुछ ही समय में दूर हो जाती है। रात को सोते समय नींद आने तक मन में इसको करने से निश्चिंत नींद आएगी।

9. ॐ और फेफड़े:-
 कुछ विशेष प्राणायाम के साथ इसे करने से फेफड़ों में मज़बूती आती है।

10. ॐ और रीढ़ की हड्डी:-
 ॐ के पहले शब्द का उच्चारण करने से कंपन पैदा होती है। इन कंपन से रीढ़ की हड्डी प्रभावित होती है और इसकी क्षमता बढ़ जाती है।

11. ॐ दूर करे तनावः-
 ॐ का उच्चारण करने से पूरा शरीर तनाव-रहित हो जाता है।

आशा है आप अब कुछ समय जरुर ॐ का उच्चारण  करेंगे। साथ ही साथ इसे उन लोगों तक भी जरूर पहुंचायेगे जिनकी आपको फिक्र है 🙏
पहला सुख निरोगी काया🙏.

Thursday, 3 September 2015

🙏 गायत्री मंत्र कब  ज़रूरी है
☀सुबह उठते वक़्त 8 बार ❕✋✌👆❕अष्ट कर्मों को जीतने के लिए !!

🍚🍜 भोजन के समय 1 बार❕👆❕ अमृत समान भोजन प्राप्त होने के लिए  !!                          

🚶 बाहर जाते समय 3 बार ❕✌👆❕समृद्धि सफलता और सिद्धि के लिए    !!   

 👏 मन्दिर में 12 बार ❕👐✌❕ 
प्रभु के गुणों को याद करने के लिए !!       

😢छींक आए तब गायत्री मंत्र  उच्चारण ☝1 बार  अमंगल दूर करने के लिए !!
                                         
सोते समय 🌙 7 बार  ❕✋✌ ❕सात प्रकार के भय दूर करने के लिए !!                                  

कृपया सभी बन्धुओं को प्रेषित करें 👏👏  !!!ॐ , ओउम् तीन अक्षरों से बना है।
 अ उ म् । 
"अ" का अर्थ है उत्पन्न होना,

 "उ" का तात्पर्य है उठना, उड़ना अर्थात् विकास, 

"म" का मतलब है मौन हो जाना अर्थात् "ब्रह्मलीन" हो जाना।
 
ॐ सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति और पूरी सृष्टि का द्योतक है।
 
ॐ का उच्चारण शारीरिक लाभ प्रदान करता है।
 
जानीए 

ॐ कैसे है स्वास्थ्यवर्द्धक 
और
 अपनाएं आरोग्य के लिए ॐ के उच्चारण का मार्ग...

1. ॐ और थायराॅयडः-
 ॐ का उच्चारण करने से गले में कंपन पैदा होती है जो थायरायड ग्रंथि पर सकारात्मक प्रभाव डालता है।

2. ॐ और घबराहटः-
 अगर आपको घबराहट या अधीरता होती है तो ॐ के उच्चारण से उत्तम कुछ भी नहीं।

3. ॐ और तनावः-
 यह शरीर के विषैले तत्त्वों को दूर करता है, अर्थात तनाव के कारण पैदा होने वाले द्रव्यों पर नियंत्रण करता है।

4. ॐ और खून का प्रवाहः-
 यह हृदय और ख़ून के प्रवाह को संतुलित रखता है।

5. ॐ और पाचनः-
 ॐ के उच्चारण से पाचन शक्ति तेज़ होती है।

6. ॐ लाए स्फूर्तिः-
 इससे शरीर में फिर से युवावस्था वाली स्फूर्ति का संचार होता है।

7. ॐ और थकान:-
 थकान से बचाने के लिए इससे उत्तम उपाय कुछ और नहीं।

8. ॐ और नींदः-
 नींद न आने की समस्या इससे कुछ ही समय में दूर हो जाती है। रात को सोते समय नींद आने तक मन में इसको करने से निश्चिंत नींद आएगी।

9. ॐ और फेफड़े:-
 कुछ विशेष प्राणायाम के साथ इसे करने से फेफड़ों में मज़बूती आती है।

10. ॐ और रीढ़ की हड्डी:-
 ॐ के पहले शब्द का उच्चारण करने से कंपन पैदा होती है। इन कंपन से रीढ़ की हड्डी प्रभावित होती है और इसकी क्षमता बढ़ जाती है।

11. ॐ दूर करे तनावः-
 ॐ का उच्चारण करने से पूरा शरीर तनाव-रहित हो जाता है।

आशा है आप अब कुछ समय जरुर ॐ का उच्चारण  करेंगे। साथ ही साथ इसे उन लोगों तक भी जरूर पहुंचायेगे जिनकी आपको फिक्र है 🙏
पहला सुख निरोगी काया🙏.

Wednesday, 2 September 2015

''स्वयं को माचिस की तीली न बनाएँ,
जो थोड़ा सा घर्षण लगते ही सुलग उठे


स्वयं को वह शांत सरोवर बनाएँ जिसमें कोई अंगारा भी फैंके तो वह खुद ही बुझ जाए,, 😊