Monday, 16 January 2017

IAS Chronicles: You know you have become a Pakka Sahib when....

1. You are obsessed with ‘Sir’. The world is divided in two kinds of people, those whom you address as Sir and others by whom you are Sir’ed. You start responding less when called by your name and more when addressed as ‘Sir’. The word ‘yes’ for seniors is replaced by Sir and you are often heard talking to them on mobile Sir.....Sir.....Sir, Sir........Sir.

2. You spend half your time worrying about seniority. There are people who are senior to you and people who aren’t, and till you figure that out you never rest easy. You find different ways to decide seniority among different services, jobs and you find it difficult to remember names but you can almost smell seniority.

3. Your name gets IAS a permanent suffix and people address you as Mr XY, IAS. You start having an identity crisis without this suffix. Officers begin to write so in their wedding cards and this suffix remains loyal even in your obituary. 

4. Your attention span reduces to two minutes and anything that takes more is not worth your time. By the end of the day, you have solved thousands of problems with devoting an average of one minute to each.

5. You do a lot of work but find it difficult to explain what your job is. As an IAS officer you are supposed to do anything under the sun and your kids always wonder what keeps you busy all the time.
 
6. You have seen best and worst of places, you have seen best and worst of people and basically you have seen so much in a short time, you become inert/immune to all around. 

7. Your formal persona takes over your normal self and you find it hard to laugh freely or cry aloud. Your officer like qualities becomes your routine behaviour and it is difficult for anyone to spot you laugh or cry.

8. You stop opening the door of your car and wait for the chauffeur to open it all the time. It is unbecoming of an officer when you open the door of the car yourself. You also become incapable of sitting anywhere other than diagonally opposite to the driver and this arrangement can never be compromised.

9. You may do weights in the gym but in office, you can never be seen even carrying a diary. A peon will always accompany carrying your stuff and it is beyond the dignity of an officer to have anything in her/his hands. You also become obsessed about sitting on Chair covered by a towel and no officer worth their place in hierarchy can dare not to have one.  

10. When you are alone, you find it difficult to cross roads. You risk being run over by motor cars because you are in the habit of traffic being stopped by security whenever you cross the road.

11. You find it difficult to make new friends and your haughty demeanor keeps strangers at bay. You are always worried with whom you socialise and your reputation is more fragile than would be bride.

12. You start claiming free passes like your birthright and whenever you go for a play or concert, you spend most of your time searching who could manage a better pass.

13. Everybody knows all the latest gossips about all around about their personal and professional lives and you have enough real/imaginary material to write a sleazy novel on any officer’s life. 
 
14. In any official parties, right to speak is bestowed as per seniority and pearls of wisdom flow unidirectional towards the juniors. Most of the monologues start like ‘When I was posted at such and such place.....’ and you are doomed to hear this story for the nth time. As you progress in hierarchy, you also find yourself uttering ‘When I was posted at...’

PS: Slowly but steadily, the breed of Pakka Sahibs is becoming endangered but if you spot most these qualities in any person including myself, you know you have seen one ;)

#copied from fb status of anurag sir, ias wb 07 batch iitk 05.

Tuesday, 10 January 2017

Dear All,
Reconnecting with the group after about six months' unintended gap ......

Realizing how difficult it is to remain grounded and maintain humility when you get a लाल बत्ती वाली गाड़ी at the age of 22-23, this शेर is dedicated to youngsters:

"सुबह की धूप में साया अगर लम्बा दिखाई दे,
तुम अपने कद के बारे मे गलतफहमी मे मत रहना"

May God be with you all,
With you always,
At HIS feet,
Ajeet Saxena

Sunday, 8 January 2017

09/01/17, 10:16:46: +91 80043 67703: *सर्दियों में बढ़ जाती है चोरी की घटनाएं, ठग भी सक्रिय*


*कुछ सावधानियां अपना कर टाल सकते है चोरी और ठगी की घटनाएं*


*पुलिस पे निर्भरता ठीक नहीं, खुद भी रहना होगा सतर्क*



महानगर हो या छोटे शहर, चोरी और ठगी  की घटनाएं लगातार बढ़ ही रही हैं। ख़ास तौर पर सर्दी के आते ही चोरी की घटनाएं बहुत बढ़ जाती है।घर में काम करने वाले लोग भी मौका देखते ही हाथ साफ कर लेते हैं। उनसे अपनी व घर की सुरक्षा करने के अतिरिक्त घर को हर तरह से सुरक्षित रखना भी आवश्यक है ताकि आपका परिवार चैन से उसमें रह सके। घर को सुरक्षित रखने के कुछ उपाय..


बहुत मुश्किल से आपने घर में सामान जुटाए हैं। इसकी हिफाजत करने के लिए जरूरी है कि कभी भी लापरवाही ना बरतें। किसी बाहर वाले पर यकीन ना करें। खासकर अगर कोई यह कह रहा है कि वह घर बैठे आपके सोने के गहने पॉलिश कर देगा या आपके पुराने नोट ले कर आपको नए नोट देगा। ये सब ठगी के तरीके हैं।


घर के बाहर एक अलार्म लगाएं, जो किसी के घर में जबर्दस्ती प्रवेश करने पर बजने लगे और आप चोर या अन्य किसी संदिग्ध व्यक्ति से खुद को सुरक्षित रख सकें। सामने का दरवाजा तोड़कर ही अक्सर चोर भीतर घुसते हैं, इसलिए चोरी से बचने के लिए वहां सिक्योरिटी अलार्म लगाएं।


 आगे और पीछे के दोनों दरवाजों पर सिक्योरिटी लॉक लगाने की जगह डेथ बोल्ट लगवाएं। ये तालों की अपेक्षा ज्यादा मजबूत होते हैं और इन्हें आसानी से तोड़ा नहीं जा सकता है। इन्हें आप खिड़कियों पर भी लगा सकते है


दरवाजे पर पीप होल अवश्य लगवाएं ताकि उससे देख सकें कि बाहर कौन है। यह पीप होल 180 डिग्री फिश आई लेंस वाला हो। इसके अतिरिक्त होम सिक्योरिटी सिस्टम जैसे इमरजेंसी स्मोक, हीट व फायर अलार्म भी अवश्य लगवाएं, बजट अगर इजाजत दे तो सीसीटीवी कैमरा भी अवश्य लगवाए


अपने घर के चारों ओर एक बाड़ लगवाएं। यह आपकी सुरक्षा की सबसे पहली रेखा है जिसे चोरों के लिए तोड़ना आसान नहींहोता है। इसके लिए आप कांटेदार या टेढ़े-मेढ़े तारों का इस्तेमाल कर सकते हैं।


अगर घर में अंधेरा रहता हो तो ऐसे घर पर चोरों की नजर सबसे अधिक रहती है, इसलिए अपने घर, बालकनी या कंपाउंड में पर्याप्त रोशनी का इंतजाम करें।


 खिड़की पर मोटे और भारी परदे लगाएं। सुनने में यह बात अजीब लगे, पर इससे चोरी की आशंका टल सकती है। पतले या पारदर्शी परदे, देखने में बेशक सुंदर लगते हैं, पर उसमें से बाहर दिखने वाला महंगा फर्नीचर व अन्य सजावटी सामान चोर को चोरी करने के लिए उकसा सकता है।


सुरक्षा के लिए घर में कुत्ता रखना एक बेहतरीन आइडिया है। खासकर अगर आप ग्राउंड फ्लोर पर रहते हैं। कुत्ता किसी अजनबी के घर में घुसने की कोशिश करने पर आपको तुरंत सतर्क कर सकता है।


जब आप घर पर हों तब भी हमेशा सिक्योरिटी का ध्यान रखें। दरवाजे हमेशा लॉक रखें। कॉलबेल बजने पर पीप होल से झांकें या वीडियो-अलर्ट डिवाइस का प्रयोग करें। अगर व्यक्ति अपने को फोन वाला, बिजली वाला या बिजली की मीटर रीडिंग आदि करने वाला बताए तो भी पहले उसका कार्ड अवश्य देखें। अगर आपके घर में बालकनी है तो उसकी खिड़की-दरवाजे हमेशा बंद रखें।


 घर के नौकर या अपरिचितों के सामने कभी भी अपनी अलमारियां न खोलें। चाहे वह कितने ही वर्षों से आपके यहां काम कर रहा हो, अपनी ज्वेलरी, पैसे या अन्य कीमती वस्तुएं उनके सामने न निकालें और उनके सामने पैसों के लेन-देन के बारे में भी बात न करें।  


आपकी नौकर अगर किसी को अपने साथ लेकर आए या अपना रिश्तेदार कह आपसे मिलवाए तो उसे अंदर आने की इजाजत न दें। हो सकता है, इस बहाने वह आपका घर और सामान उसे दिखा रहा हों।


अगर आप शहर से बाहर जा रहे हों तो नौकर को यह न बताएं कि आप कितने दिनों में आएंगे। उसे कहें कि एक-दो दिन में लौट आएंगे या रात में आपके रिश्तेदार वहां रहेंगे।


अगर आप शहर से कहीं बाहर जा रहे हों तो भी ऐसा लगना चाहिए कि घर पर कोई है। सारी खिड़कियों को अंदर से बंद कर जाएं। अगर संभव हो तो अपने पड़ोसी को एक चाबी दे जाएं ताकि वह दिन में घर के परदे खोल दे और रात को बंद कर दे। आपकी डाक दरवाजे पर ही जमा न हो, इसके लिए भी आप पड़ोसी से उसे लेने का आग्रह कर सकते हैं। एक कमरे की लाइट खुली ही छोड़ दें। इस तरह आप चोर से अपने घर की सुरक्षा कर सकते हैं।


घर में सुरक्षा के लिए खिड़की और बालकनी पर बनी रेलिंग (लोहे की जाली) कम से कम 42 इंच ऊंची बनवाएं। रेलिंग के दो रॉड्स के बीच 4 इंच से ज्यादा का गैप न रखें, वरना बच्चा खेलते हुए रॉड्स के बीच अपना सिर फंसा सकता है।


आपके घर के आसपास क्या हो रहा है, इसके बारे में जानकारी रखें। इससे संदिग्ध घटनाओं व व्यक्तियों पर आप नजर रख सकेंगे।



अगर आप अकेले बच्चों के साथ रहते हैं तो आप पर्सनल पैनिक बटन लगवा सकते हैं। यह छोटा-सा यंत्र होता है जिसे हमेशा अपने पास रखा जा सकता है। मुसीबत पर उसका बटन दबाने से उसमें जिस भी व्यक्ति का नाम व नंबर आपने फीड किया है, वह अलर्ट हो जाएगा।


घर में अगर स्लाइडिंग दरवाजे-खिड़कियां हैं, तो उसे लॉक करने की भी पर्याप्त व्यवस्था करें। स्लाइडिंग ट्रैक पर स्टील का पोल भी लगवाएं।


अपने कीमती सामान और उनके सीरियल नंबर को नोट करके रखें। अपने वेल्यूबल डॉक्यूमेंट्स जैसे इंश्योरंस पॉलिसी, बैंक के पेपर सेफ्टी डिपोजिट बॉक्स में रखें।



एक रुटीन अपनाना सही है, पर कई बार उसमें थोड़ा-बहुत बदलाव करना भी सही रहता है। अगर आप रोज एक ही समय पर घर से निकलते हैं और निश्चित घंटों के लिए घर से बाहर रहते हैं और एक ही समय पर रोज लौटते हैं तो चोर इस बात को नोट कर सकता है और आपके घर पर न होने का फायदा उठा सकता 

है। इसलिए अपने रुटीन में बीच-बीच में बदलाव करें।


किसी को भी अपने घर की चाबी न दें। अक्सर लोग चाबियों को डोरमैट या किसी प्लांट के नीचे रख देते हैं। लेकिन यह तरीका आप पर भारी पड़ सकती है। कार की व घर की चाबियां अलग-अलग की-रिंग में रखें।

Friday, 30 December 2016

Some Beautiful Answers and Way of Thinking of Turkish Poet Jalaluddin Rumi, that I cannot resist Sharing ...

What Is *Poison* ? ? ?
He Replied With A Beautiful Answer - AnyThing Which Is More Than Our Necessity Is Poison. It May Be Power, Wealth, Hunger, Ego, Greed, Laziness, Love, Ambition, Hate Or AnyThing.

What Is *Fear* ? ? ?
Non Acceptance Of Uncertainty.
If We Accept That Uncertainty, It Becomes *Adventure*.

What Is *Envy* ? ? ?
Non Acceptance Of Good In Others, If We Accept That Good, It Becomes *Inspiration*.

What Is *Anger* ? ? ?
Non Acceptance Of Things Which Are Beyond Our Control.
If We Accept, It Becomes *Tolerance*.

What Is *Hatred* ? ? ?
Non Acceptance Of Person As He Is. If We Accept Person Unconditionally, It Becomes *Love*.

Friday, 20 May 2016

*"प्राचीन स्वास्थ्य दोहावली"*

पानी में गुड डालिए,
बीत जाए जब रात!
सुबह छानकर पीजिए,
अच्छे हों हालात!!

धनिया की पत्ती मसल,
बूंद नैन में डार!
दुखती अँखियां ठीक हों,
पल लागे दो-चार!!

ऊर्जा मिलती है बहुत,
पिएं गुनगुना नीर!
कब्ज खतम हो पेट की,
मिट जाए हर पीर!!

प्रातः काल पानी पिएं,
घूंट-घूंट कर आप!
बस दो-तीन गिलास है,
हर औषधि का बाप!!

ठंडा पानी पियो मत,
करता क्रूर प्रहार!
करे हाजमे का सदा,
ये तो बंटाढार!!

भोजन करें धरती पर,
अल्थी पल्थी मार!
चबा-चबा कर खाइए,
वैद्य न झांकें द्वार!!

प्रातः काल फल रस लो,
दुपहर लस्सी-छांस!
सदा रात में दूध पी,
सभी रोग का नाश!!

दही उडद की दाल सँग,
पपीता दूध के संग!
जो खाएं इक साथ में,
जीवन हो बदरंग!!

प्रातः- दोपहर लीजिये,
जब नियमित आहार!                                                  तीस मिनट की नींद लो,
रोग न आवें द्वार!!

भोजन करके रात में,
घूमें कदम हजार!
डाक्टर, ओझा, वैद्य का ,
लुट जाए व्यापार !!

देश,भेष,मौसम यथा,
हो जैसा परिवेश!
वैसा भोजन कीजिये,
कहते सखा सुरेश!!

इन बातों को मान कर,
जो करता उत्कर्ष!
जीवन में पग-पग मिले,
उस प्राणी को हर्ष!!

घूट-घूट पानी पियो,
रह तनाव से दूर!
एसिडिटी, या मोटापा,
होवें चकनाचूर!!

अर्थराइज या हार्निया,
अपेंडिक्स का त्रास!
पानी पीजै बैठकर, 
कभी न आवें पास!!

रक्तचाप बढने लगे,
तब मत सोचो भाय!
सौगंध राम की खाइ के,
तुरत छोड दो चाय!!

सुबह खाइये कुवंर-सा,
दुपहर यथा नरेश!
भोजन लीजै रात में,
जैसे रंक सुरेश!!

देर रात तक जागना,
रोगों का जंजाल!
अपच,आंख के रोग सँग,
तन भी रहे निढाल!!

टूथपेस्ट-ब्रश छोडकर,
हर दिन दोनो जून!
दांत करें मजबूत यदि,
करिएगा दातून!!

हल्दी तुरत लगाइए,
अगर काट ले श्वान!
खतम करे ये जहर को,
कह गए कवि सुजान!!

मिश्री, गुड, खांड,
ये हैं गुण की खान!
पर सफेद शक्कर सखा,
समझो जहर समान!!

चुंबक का उपयोग कर,
ये है दवा सटीक!
हड्डी टूटी हो अगर,
अल्प समय में ठीक!!

दर्द, घाव, फोडा, चुभन,
सूजन, चोट पिराइ!
बीस मिनट चुंबक धरौ,
पिरवा जाइ हेराइ!!

हँसना, रोना, छींकना,
भूख, प्यास या प्यार!
क्रोध, जम्हाई रोकना,
समझो बंटाढार!!

सत्तर रोगों कोे करे,
चूना हमसे दूर!
दूर करे ये बाझपन,
सुस्ती अपच हुजूर!!

यदि सरसों के तेल में,
पग नाखून डुबाय!
खुजली, लाली, जलन सब,
नैनों से गुमि जाय!!

भोजन करके जोहिए,
केवल घंटा डेढ!
पानी इसके बाद पी,
ये औषधि का पेड!!

जो भोजन के साथ ही,
पीता रहता नीर!
रोग एक सौ तीन हों,
फुट जाए तकदीर!!

पानी करके गुनगुना,
मेथी देव भिगाय!
सुबह चबाकर नीर पी,
रक्तचाप सुधराय!!

अलसी, तिल, नारियल,
घी सरसों का तेल!
यही खाइए नहीं तो,
हार्ट समझिए फेल!!

पहला स्थान सेंधा नमक,
पहाड़ी नमक सु जान!
श्वेत नमक है सागरी,
ये है जहर समान!!

तेल वनस्पति खाइके,
चर्बी लियो बढाइ!
घेरा कोलेस्टरॉल तो,
आज रहे चिल्लाइ!!

अल्यूमिन के पात्र का,
करता है जो उपयोग!
आमंत्रित करता सदा ,
वह अडतालीस रोग!!

फल या मीठा खाइके,
तुरत न पीजै नीर!
ये सब छोटी आंत में,
बनते विषधर तीर!!

चोकर खाने से सदा,
बढती तन की शक्ति!
गेहूँ मोटा पीसिए,
दिल में बढे विरक्ति!!

नींबू पानी का सदा,
करता जो उपयोग!
पास नहीं आते कभी,
यकृति-आंत के रोग!!

दूषित पानी जो पिए,
बिगडे उसका पेट!
ऐसे जल को समझिए,
सौ रोगों का गेट!!

रोज मुलहठी चूसिए,
कफ बाहर आ जाय!
बने सुरीला कंठ भी,
सबको लगत सुहाय!!

भोजन करके खाइए,
सौंफ,  गुड, अजवान!
पत्थर भी पच जायगा,
जानै सकल जहान!!

लौकी का रस पीजिए,
चोकर युक्त पिसान!
तुलसी, गुड, सेंधा नमक,
हृदय रोग निदान!!

हृदय रोग, खांसी और
आंव करें बदनाम!
दो अनार खाएं सदा,
बनते बिगडे काम!!

चैत्र माह में नीम की,
पत्ती हर दिन खावे !
ज्वर, डेंगू या मलेरिया,
बारह मील भगावे !!

सौ वर्षों तक वह जिए,
लेत नाक से सांस!
अल्पकाल जीवें, करें,
मुंह से श्वासोच्छ्वास!!

सितम, गर्म जल से कभी,
करिये मत स्नान!
घट जाता है आत्मबल,
नैनन को नुकसान!!

हृदय रोग से आपको,
बचना है श्रीमान!
सुरा, चाय या कोल्ड्रिंक,
का मत करिए पान!!

अगर नहावें गरम जल,
तन-मन हो कमजोर!
नयन ज्योति कमजोर हो,
शक्ति घटे चहुंओर!!

तुलसी का पत्ता करें,
यदि हरदम उपयोग!
मिट जाते हर उम्र में,
तन के सारे रोग!!
        _____......_____

Sunday, 15 May 2016

Came across a Facebook post. Some of them can be listed down below.
1) Accidentally text the wrong person? Immediately put your phone on flight mode. And once it fails to deliver. Delete the message.
2) Don't dial is an app which stops you from drunk dialing or texting. You can choose amount of time or let your sober friend pick a password.
3) Video buffering on YouTube. Press the up arrow, it will start a game of snake.
4) Have song stuck in your head but can't think of a name Midomi.com allows you to sing or hum the song into your computer or phone and it will find it.
5) When you are finished with an essay, Copy and Paste it into Google translate, and listen to it. It is the easiest way to find mistakes.
6) To skip a YouTube ad, just change 'YouTube' to 'youtubeskip' in the URL of any video.
7) If you type in any flight number into Google. You can see exactly where the plane is.
8) On MyFridgeFood.com  you can put in whatever you have in your fridge and it will tell you everything you can make with them.
9) If you want to sound sick when calling into your work, lie on your back while hanging your head over the edge of the bed. You will sound congested.
10) If you are driving  into a town and don't know what to do , call a hotel and say you are staying there next week and ask any question you want.
11) To get night vision keep one eye closed in the well lit area and then open it in darkness. That eye will be able to see in the dark. This is why pirates wore eye patches.
12) To make sure you leave the house on time in the morning,create playlist exactly as long as you have to get ready. When the last song plays you will hustle up like you never have before.
13) Download music legally : Copy the youtube url with the song you want. Go toyoutube-mp3.org. Enter the url  and press "Convert" and download.
14) Hungry and want a ride home? Go to a local pizza shop for delivery and get a ride with the driver.
15) Sign up for free 30 minute trial of on-Board wi-fi while flying. Delete cookies when trial ends. Start new trial.
🐪🐪  सौ  ऊंट  🐪🐪

किसी  शहर  में, एक आदमी प्राइवेट  कंपनी  में  जॉब  करता था . वो  अपनी  ज़िन्दगी  से  खुश  नहीं  था , हर  समय  वो  किसी  न  किसी  समस्या  से  परेशान  रहता  था .

एक बार  शहर  से  कुछ  दूरी  पर  एक  दरवेश  का  काफिला  रुका . शहर  में  चारों  और  उन्ही की चर्चा  थी. 

बहुत  से  लोग  अपनी  समस्याएं  लेकर  उनके  पास  पहुँचने  लगे ,
उस आदमी  ने  भी दरवेश  के  दर्शन  करने  का  निश्चय  किया .

छुट्टी के दिन  सुबह -सुबह ही उनके  काफिले  तक  पहुंचा . बहुत इंतज़ार  के  बाद उसका  का  नंबर  आया .

वह  दरवेश  से  बोला  ,” बाबा , मैं  अपने  जीवन  से  बहुत  दुखी  हूँ , हर  समय  समस्याएं  मुझे  घेरी  रहती  हैं , कभी ऑफिस  की  टेंशन  रहती  है , तो  कभी  घर  पर  अनबन  हो  जाती  है , और  कभी  अपने  सेहत  को  लेकर  परेशान रहता  हूँ ….

बाबा  कोई  ऐसा  उपाय  बताइये  कि  मेरे  जीवन  से  सभी  समस्याएं  ख़त्म  हो  जाएं  और  मैं  चैन  से  जी सकूँ ?

दरवेश  मुस्कुराये  और  बोले , “ बेटा  , आज  बहुत देर  हो  गयी  है  मैं  तुम्हारे  प्रश्न  का  उत्तर  कल  सुबह दूंगा … लेकिन क्या  तुम  मेरा  एक  छोटा  सा  काम  करोगे …?”

“हमारे  काफिले  में  सौ ऊंट  🐪 हैं  ,
मैं  चाहता हूँ  कि  आज  रात  तुम  इनका  खयाल  रखो …
जब  सौ  के  सौ  ऊंट 🐪  बैठ  जाएं  तो  तुम   भी  सो  जाना …”,

ऐसा कहते  हुए   दरवेश  अपने  तम्बू  में  चले  गए ..

अगली  सुबह  दरवेश उस आदमी  से  मिले  और  पुछा , “ कहो  बेटा , नींद  अच्छी  आई .”

वो  दुखी  होते  हुए  बोला :
 “कहाँ  बाबा , मैं  तो  एक  पल  भी  नहीं  सो  पाया. मैंने  बहुत  कोशिश  की  पर  मैं  सभी  ऊंटों🐪  को  नहीं  बैठा  पाया , कोई  न  कोई  ऊंट 🐪 खड़ा  हो  ही  जाता …!!!

दरवेश बोले  , “ बेटा , कल  रात  तुमने  अनुभव  किया कि  चाहे  कितनी  भी  कोशिश  कर  लो  सारे  ऊंट  🐪 एक  साथ  नहीं  बैठ  सकते …

तुम  एक  को  बैठाओगे  तो  कहीं  और  कोई  दूसरा  खड़ा  हो  जाएगा.

इसी  तरह  तुम एक  समस्या  का  समाधान  करोगे  तो  किसी  कारणवश  दूसरी खड़ी हो  जाएगी .. 

बेटा  जब  तक  जीवन  है  ये समस्याएं  तो  बनी  ही  रहती  हैं … कभी  कम  तो  कभी  ज्यादा ….”

“तो  हमें  क्या  करना चाहिए  ?” , आदमी  ने  जिज्ञासावश  पुछा .

“इन  समस्याओं  के  बावजूद  जीवन  का  आनंद  लेना  सीखो … 

कल  रात  क्या  हुआ ? 
1) कई  ऊंट 🐪  रात होते -होते  खुद ही  बैठ  गए  , 
2) कई  तुमने  अपने  प्रयास  से  बैठा  दिए ,
3) बहुत  से  ऊंट 🐪 तुम्हारे  प्रयास  के  बाद  भी  नहीं बैठे … और बाद  में  तुमने  पाया  कि उनमे से कुछ खुद ही  बैठ  गए …. 

कुछ  समझे ….?? 
समस्याएं  भी  ऐसी  ही  होती  हैं.. 

1) कुछ  तो  अपने आप ही ख़त्म  हो  जाती  हैं ,
2) कुछ  को  तुम  अपने  प्रयास  से  हल  कर लेते  हो …
3) कुछ  तुम्हारे  बहुत  कोशिश  करने  पर   भी  हल  नहीं  होतीं ,

ऐसी  समस्याओं  को   समय  पर  छोड़  दो … उचित  समय  पर  वे खुद  ही  ख़त्म  हो  जाती  हैं.!! 

जीवन  है, तो  कुछ समस्याएं रहेंगी  ही  रहेंगी …. पर  इसका  ये  मतलब  नहीं  की  तुम  दिन  रात  उन्ही  के  बारे  में  सोचते  रहो …

समस्याओं को  एक  तरफ  रखो  
और  जीवन  का  आनंद  लो…

चैन की नींद सो …

जब  उनका  समय  आएगा  वो  खुद  ही  हल  हो  जाएँगी"...